Server क्या है और यह कैसे काम करता है-mozodia

दोस्तो स्वागत है आप सभी का हमारे हिंदी ब्लॉग में जिसमें आज हम जानेंगे की सर्वर क्या होता है ये कैसे काम करता है इसका उपयोग किस चीज़ में किया जाता है कौनसा सर्वर अच्छा होता है आदि जानकारी आज आपको इस पोस्ट में देंगे हम जिसे पढकर आप सभी को इस बारे में पता चल जाएगा 


दोस्तो हम रोजाना ( प्रतिदिन) server के बारे में सुनते है. पर क्या आप सचमुच जानते है की server क्या है? इसके बारे में जानते है तो खास करके स्टूडेंट्स को इसके बारे में काफी ज्यादा सुनने को मिलता है. क्योँकि खासतौर पर computer science अथवा IT के छात्र को server के बारे काफी ज्यादा सुनने को मिलता है. लेकिन आखिर में यह है क्या? इससे संबंधित ही एक जानकारी आज  हम आपको देने जा रहे है इस पोस्ट के माध्यम से आगे चलकर

सर्वर का एक उदाहरण :-
दोस्तो हर बार ऐसा होता है  जब आप किसी भी परिक्षा का परिणाम जानने के लिए उस वेबसाइट पे जाते हो जिसपर आप रिजल्ट देख सके अपना या फिर अपने दोस्त का  UP BOARD, NDA, JEE NEET या फिर अन्य कोई competative exam का ऑनलाइन फॉर्म भरने जाते है.तो होता ये है की एक ही समय पर काफी लोग फॉर्म भरते है. इसीलिये high traffic के कारण website एक तो लोड नहीं होती या फिर खुलती ही नहीं. ऐसे परिस्थिति में अक्शर हम सुनते है कीserver down या फिर fail है. यही समस्या बैंक और आधार कार्यालय में भी होती है. Server fail होने के कारण बैंक में हम transaction नहीं कर पाते. वही दूसरी तरफ इस समस्या के कारण न तो हम आधार कार्ड download कर सकते हे, और नहीं अपडेट कर पाते है. लेकिन आखिर में सवाल यह पड़ता हे की ये server क्या है? और इसी विषय में पढेंगे आज हम इस पोस्ट के माध्यम से ।

SERVER
एक सर्वर computer हो सकता या उसे हम एक hardware device भी कह सकते है. सर्वर का काम किसी वेबसाइट के डेटा को स्टोर करना और जरुरत पड़ने पर users को browser के जरिये डेटासर्व(प्रोवाइड) करना होता है. सीधे शब्द में बताने की कोशिश करे. तो सर्वर एक कंप्यूटर की तरह ही device ही होता है. जिसमे hard disk, ram, CPU, processor लगाया होता है. ताकि वह बाकी के divices (computers, laptop) को कनेक्ट होके सबको डेटा पहुंचा सके.

अगर आपको अभी भी समझ नहीं आया. तो एक user और website के बिच कैसे connection स्थापित होता है? उसके बारे में समझते है. ताकि आपको server के बारे में आसानी से समझ आये. तो मित्रो देखिए किसी भी website को ठीक ठंग से काम करने के लिये तीन चीजो की आवश्कयता होती है. 

1) Webpage 2) Domain Name और 3) Web server(hosting).जो बहुत ही ज्यादा महत्पूर्ण है इनके बिना कुछ नही हो सकता
चलिये अब हम सबसे पहले किसी developer को text अथवा media के जरिये content तैयार करना पड़ता है. जिसे हम webpage कह सकते है. फिर ऐसे कही सारे webpages को मिलकर एक website बनती है. शायद आप नहीं जानते होंगे. पर वेबसाइट को offline भी डेवलप किया जा सकता है. परंतु उसे internet पर live बनाने के लिये एक domain और hosting की जरुरत पड़ती है.

दुसरे स्टेप में domain खरीदना पड़ता है. सबसे आखिर में और महत्पूर्ण हमें हमारा डेटा को किसी server पर अपलोड करना पड़ता है. जिसे आमतोर पर  web hosting के नाम से जाना जाता है. ताकि जरुरत पड़ने पर उसे दुनिया के किसी भी कोने से एक्सेस कर सके.
देखिये इसे और सीधा करके समझने की कोशिश करे. तो इसके नाम में ही सबकुछ छिपा है. मित्रो server का hindi अर्थ “परोसनेवाला” होता है. तो किसी भी प्रकार का डेटा स्टोर करना और जरुरत होने पर उपभोगकर्ता तक पहुचाना इसे ही server कहते है तो इसे पढ़कर आपको पर चल गया होगा की सर्वर क्या है ।

SERVER काम कैसे करता है ?
दोस्तो आपको इसकी परिभाषा समझाने के बजाये मैं आपको एक उदाहरण  देकर समझाता हूँ.जो बहुत ही ज्यादा अच्छा होगा देखिये मान लीजिये अगर आप अपना browser open करते है. फिर बाद मे वहा पर just4click.in यह domain name अथवा कोई भी दूसरा web address(URL) डालते है. तो browser सबसे पहले डोमेन को ip address में convert करके यह website कहापर store/host की  है यह देखेगा. एक बार उसे server की location पता चलने के बाद वह सर्वर को request भेजेगा. उसके तुरंत बाद ही server request पर proceess करके आपके device में डेटा भेजेगा. यह steps सुनने और पढने में लंबी लगती है पर यह प्रोसेस कुछ ही पल में हो जाती है और हमको पता भी नही चल सकेगा दोस्तो हमारे normal computer और laptop में भी server के according program install करदे तो वो भी एक server की तरह ही काम करता है.  इनको non-dedicated server कहते है. क्योंकि इनको हम 24*7 hourse तो चालू नहीं रखते. जिससे system बंद होने पर इस सरवर  के डेटा को एक्सेस नहीं कर सकते है. परंतु घरपर और स्कूल में education purpose के लिये यह एक अच्छा विकल्प है. non-dedicated server को local host के नाम से भी जाना जाता है.
लेकिन इसके विपरीत ऐसे भी computer system होते है. जिनको 24*7 hourse चालू रखा जाता है. ताकि किसी भी वक्त दुसरे computer तक डेटा को पहुचाये जा सके. इनको dedicated server के नाम से जाना जाता है।

servers के प्रकार
Application servers – एप्लीकेशन सर्वर एक सॉफ्टवेर फ्रेमवर्क है. जो वेब एप्लीकेशन को बनाने और रन करने के लिये प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है ।
Web servers – आज internet और google में जीतनी भी websites देखने को मिलती है. वो सभी किसी न किसी web server पर host की जाती है ।
Email servers – यह किसीको email भेजने और प्राप्त करने में काम आता है.
File servers – नाम की तरह ही इसका काम हे file server एक फ्रेमवर्क हे या फिर हम उसे network भी कह सकते है मैंने आपको इस पोस्ट के माध्यम से ये बताया की सर्वर क्या होता है और ये कैसे काम करता है उम्मीद करता हूँ आपको सब समझ में आ गया होगा

अगर आपको इस पोस्ट से संबंधित कोई भी सवाल पूछना हो तो आप हमे नीचे कमेंट बॉक्स में हमे कमेंट कर सकते है हम आपको जवाब जरूर देंगे अगर ये पोस्ट पसंद आयी हो तो अपने दोस्तो में भी शेयर करे

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