Mobile Processor kya hota hai janiye hindi me

दोस्तो स्वागत है आप सभी का हमारे हिंदी ब्लॉग में जिसमें आज हम जानेंगे की processor क्या होता है इसके क्या कार्य है और ये स्मार्टफोन में भी होता है
आजकल हम जब भी  किसी स्मार्टफोन के बारे में बात करते हैं तो Processor की बात जरुर करते है क्योँकि आजकल हम ज्यादातर स्मार्टफोन user की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसके कारण हमारे स्मार्टफोन अब और भी ज्यादा स्मार्ट होते जा रहे है जिससे ये निष्कर्ष निकलता है की जैसे - जैसे हम आगे बढ़ रहे है ऐसे ही हमारे फ़ोन और ज्यादा पॉवरफुल होते जा रहे है इन सब के पीछे सिर्फ प्रोसेसर का ही खेल है जितना ज्यादा बड़ा प्रोसेसर उतना ही पॉवरफुल हमारा स्मार्टफोन होगा ।
ये बात बिल्कुल सच है कि एक स्मार्टफोन किसी processor के बिना मुमकिन ही नहीं है ।
मगर ये बात बिल्कुल  ठीक है की किसी-किसी processor की छमता कम होती है तो कुछ की ज्यादा होती है. हाँ लेकिन सभी स्मार्टफोन के लिए processor होना उतना ही अनिवार्य है जितना की मनुष्य के लिए पानी अनिवार्य है.

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आइये हम आपको प्रोसेसर के नाम बताएंगे
(What is Processor in Hindi)  प्रोसेसर क्या है ?
Processor स्मार्टफोन/कंप्यूटर का एक बहुत ही प्रमुख अंग है इसे computer का मस्तिक (दिमाग)भी कहा जाता है ऐसा इसलिए माना जाता है कि स्मार्टफोन  के भीतर हो रही सारी हलचल की खबर इसके पास होती है, या यूँ कहे कि ये ही इन सारी चीज़ों को नियंत्रित करता है ये एक समय में अरबों की गणना को प्रोसेस यानी चला सकता है
ये स्मार्टफोन के भीतर हो रही सॉफ्टवेयर और Hardware के बीच  बातचीत (व्याख्या) को समझ उसे इनपुट कर हमें Output (data) देता है
ये जितनी भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर है सभी devices के अन्दर होता है जैसे Mobile, Tablets, Personal Computers, Laptops. इसे CPU के नाम से भी जाना जाता है ।
ये दिखने में एक Square Shaped device है, जिससे की कई metallic, short और rounded Connectors निचे निकले हुए होते हैं. इसे CPU के Socket में ही attach किया जाता है. बहुत देर चलने के बाद ये थोडा ज्यादा गरम हो जाता है इसी कारण ये heat को निकलने के लिए एक heat sink और Fan इसके ऊपर लगाया जाता है. ये बहुत ही नाज़ुक से चीज़ होती है जिस कारण इसे बड़े ध्यान से Motherboard में लगाया जाता है. ये बहुत से प्रकार के आते हैं जैसे की Intel के Processor i3, i5 और i7 हैं.

Processor का इतिहास हिंदी में

दिग्गज कंपनी Intel ने ही दुनिया में सबसे पहले पहला Single-Chip Microprocessor design किया था सन 1971 में.
इसे Intel के तीन Engineers Federico Faggin, Ted Hoff और Stan Mazo ने मिलकर आविष्कार किया था. ये चिप जिसका नाम था Intel 4004 Microprocessor को कुछ ऐसे ढंग से design किया गया था की एक ही chip में सारे processing function जैसे CPU, Memory और Input and Output Control को रखा गया था. धीरे धीरे समय के साथ नयी नयी आविस्कारें हुई जिससे की Computer के डिजाईन में काफी बदलाव आयीं. इनकी कार्य करने की क्ष्य्मता बढ़ गयी और इनकी size कम गयी. अब के दोर में Intel, Processor की दुनिया का बादसाह है. ये हर variety के Processor बनाते हैं लोगों के जरूरतों के अनुसार.

CPU क्या करता है
CPU basically तिन basic काम करता है पहला ये information लेता है, दूसरा ये उसपे कुछ operation करता है और तीसरा calculation के बाद result देता है. लेकिन इन तीनों process को करने के लिए इसे कुछ key Components का use करना पड़ता है. ALU (Arithmetic and Logic Unit) binary में subtraction और addition करते हैं. इसके साथ वो कुछ logical operation भी करते हैं जैसे AND,NOT and OR, CPU की मदद के लिए. Control Circuit data traffic को CPU से slower Input/Output devices के तरफ direct करते हैं, ताकि ट्रैफिक का आदान और प्रदान हो सके. Memory Management Unit data के flow को monitor करता है to and from Memory.

Types of CPUs
पिछले कुछ वर्षों में CPU के कई प्रकार की आविस्कर हो चुकी है. जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे requirement के अनुसार नए CPU आते गए. पहले processor को पहचानने के लिए number इस्तमाल किया जाता था. जैसे उदहारण के तोर पे Intel 80486 (486) processor बहुत ही ज्यादा तेज है 80386 processor से. जब से Intel ने Pentium Processor (Technically ये 80586 वाले हैं ) निकला है तब से Processors के नाम
कुछ इस प्रकार हैं जैसे Athlon, Duron, Pentium और Celeron.
आजकल तो नाम के साथ साथ इनकी Architecture भी बदल गयी है, आमतोर से अब दो ही प्रकार के Architecture वाले Processor का इस्तमाल काफी किया जाता है जैसे 32 Bit और 64 Bit. इन architecture की बदौलत अब processor की Speed और Capabilities भी काफी बढ़ गयी है. जैसे AMD Opteron series और Intel Itanium, Xeon Series वाले processor को Server और High-end Station में इस्तमाल किया जाता है. और अगर बात की जाये छोटे device जैसे Smart Phones और Tablets तो वो ARM Processor का इस्तमाल करते हैं. ये processor आम तोर से size में छोटे होते हैं, इन्हें कम Power की जरुरत होती है और ये बहुत ही कम heat पैदा करते हैं.

Processor की Clock Speed क्या है?
इस Clock Speed को clock rate और processor speed भी कहा जाता है. Clock speed उस speed को कहा जाता है जिस speed से microprocessor प्रत्येक instruction को execute करती है या फिर clock का each vibration. चूँकि CPU को एक fixed number of clock ticks या cycles की जरुरत होती है प्रत्येक instruction को execute करने के लिए. इसलिए जितनी faster आपकी clocks rate होगी, उतनी की faster आपकी CPU भी होगी, या उतनी जल्दी से आपका processor instructions को execute कर सकता है.
Clock Speeds को MHz में मापा जाता है, 1 MHz का मतलब है की 1 million cycles per second, or या फिर GHz, 1 GHz का मतलब है की 1 thousand million cycles per second. एक general sense में कहें तब जितनी ज्यादा CPU की speed होगी, उतनी ही बेहतर आपका computer perform करेगा. दुसरे components जैसे की RAM, hard drive, motherboard, और number of processor cores (जैसे की dual core or quad core) के ऊपर भी computer speed निर्भर करती है.
ये CPU speed से ये पता चलता है की वो कितने calculations 1 second में कर सकता है. जितनी ज्यादा speed होगी, उतने ज्यादा calculations वो perform कर सकता है, जिससे आपका computer और भी faster run करेगा. Market में अलग अलग brands के computer processors available हैं, जैसे की Intel और AMD, लेकिन वो सभी समान CPU speed standard का पालन करते हैं, जिससे ये पता चल सके की कोन सा processor कितने speed में run करता है.

Processor में Core क्या है ?
Processor में उनके capacity के अनुसार अलग अलग Core होते हैं. एक सामान्य प्रोसेसर में single core होता है, यानि की वो single cpu होता है. वहीँ Dual Core Processor में दो समान frequency वाले दो processor circuit होते हैं. ये Single Core Processor की तुलना में double speed से काम कर सकता है वो भी बड़ी आसानी

Processor कैसे काम करता है ?
Processor के डिजाईन आम तोर से काफी complex होते हैं, और ये company से company बहुत vary करते हैं यहाँ तक की इनकी एक model दुसरे से काफी अलग होती है. अभी मार्किट में दो company जैसे Intel और AMD के processor काफी डिमांड में है. ये दो कंपनी हमेशा यही कोशिस में लगे रहते हैं की कैसे Processor की performance को ज्यादा बेहतर बनाये वो भी कम जगह और energy इस्तमाल कर. लेकिन इतनी सब architectural differences होने के वाबजूद Processor को मुख्य रूप से चार Process से गुजरना पड़ता है, और तभी जाकर वो instructions को process कर सकते हैं. ये चार process हैं fetch, decode, execute और Write-back. अब में आप लोगों को इन सारे process के बारे में बताऊंगा. .

1. Fetch
Fetch जैसे की इसका मतलब है किसी चीज़ को लाना. यहाँ Processor Core instructions को retrieve करता है जो की waiting में रहते हैं किसी memory में. पर आजकल के Modern Processor में usually वो instructions पहले से ही wait कर रहे होते हैं Processor Cache में. Processor में एक area होता है जिसे Program Counter कहते हैं जो किसी bookmark के तरह ही काम करता है, जो की processor को ये बात सूचित करता है की कहाँ last instruction खत्म हुई और कहाँ next वाली शुरू हुई.  

2. Decode
एक बार instruction Fetch हो गयी तब next process है उसे decode करने का. एक instruction में processor core के कई area होते हैं जैसे arithmetic और जिन्हें processor core को पह्चानना पड़ता है. सभी part में कुछ ऐसा भी होता है जिसे Opcode कहते हैं जो processor को बताता है की क्या करना है उस instruction को इस्तमाल कर के. एक बार Processor ये पहचान ले की उसे क्या करना है तब वो अपने आप ही सारे चीज़ें कर लेता है.

3. Execute
इस step में Processor को पता होता है उसे क्या करना है, और वो actually उसे कार्यकारी करता है. यहाँ actually में क्या होता है ये इस बात पर निर्भर करता है की इसमें Processor Core का कोन सा area use में आता है और इसमें क्या information डाला जाता है. उदहारण के तोर पे Processor किसी arithmetic operation करने के लिए ALU का इस्तमाल करता है. माने की ये operation ALU के भीतर ही होता है. ये unit दुसरे input और output से जुड़ा होता है ताकि ये अपना काम को आसान कर सके और finally हमें हमारा रिजल्ट सही समय में दे सके.

4. Writeback

इसको अंतिम स्टेप भी कहा जा सकता है जैसे की इसका नाम है इसका काम भी समान है जो की आखिर में पहले किये गए तीनों कार्य का result को memory में प्लेस करता है. ये पता करना की आकिर में output गया कहाँ ये depend करता है की उस समय कोन सी application run हो रही है. पर ये आम तोर से processor के register में ही होता है क्यूंकि इसकी जरुरत बहुत ही ज्यादा होती है तो quick access के लिए इस यहाँ रखा जाता है.
ये पुरे Process को Instruction Cycle कहा जाता है. जैसे जैसे हम नई ऊंचाई छू रहे है इस field में  वैसे -वैसे हमारे पास और भी बेहतर Processor आ रहे जो की बहुत ही ज्यादा तेज और पावरफुल हैं. हमारी CPU को कुछ इस प्रकार बनाया गया है की ये बहुत जल्द किसी भी कार्य को बांट देता है जिससे इसे जल्दी से जल्दी process कर सके आगे चलकर भविष्य और भी ज्यादा प्रोसेसर आएंगे जो बहुत ही प्रभावी साबित होंगे ।

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